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motivational story in hindi

Motivational stories and motivational stories in hindi – Hello guys welcome to our hindi blog himachaljosh.in and here we are coming up with 20 newly inspiring stories. These 20 motivational stories we added motivational story in hindi. i definitely guaranteed that you will definitely love these motivational stories.

First of all, let me introduce myself I am gokul thakur who write these inspiring stories and motivational stories in hindi. we have different kinds of Hindi motivational stories added in this article we have a collection of motivational story in hindi for success and inspirational stories in hindi for success.

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20 Motivational story in hindi

हम सारी जिंदगी दौड़ते रहते हैं बस इसी उम्मीद मे की एक दिन जिदगी को जियेंगे,जो बातें हमारी जिंगी के लिए आवश्यक होती है ज्यादातर लोग उसे भविष्य के लिए छोड़ देते है कि भविष्य मे करेंगे इतने साल काम करेंगे इतने साल मेहनत करेंगे और उसके बाद जा कर कहीं हम आराम करेंगे उसके बाद हम यह करेंगे उसके बाद हम जिंदगी जियेंगे लेकिन दोस्तों यह जो बाद है न यह कभी आता ही नहीं है और यह ज़िंदगी हाथों से निकाल जाती है 

Motivational story in hindi#1 अमीर व्यक्ति

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Motivational stories in hindi – एक बहुत अमीर व्यक्ति था उसने अपना सारा जीवन पैसे कमाने मे लगा दिया उसके पास बहुत पैसा था और जो चाहे खरीद सकता था। लेकिन उस व्यक्ति ने जिंदगी मे किसी कि मदद नहीं कि उसने जिंदगी मे अपने लिए भी धन का उपयोग नहीं किया। 

उसनी सारी जिंदगी न अपने सपने पूरे किये ना अच्छा खाया न अछा पहना बस सारी जिंदगी धन की कमाता रहा और पैसे कमाते कमाते उसे पता ही नहीं चला कि कब उसे बुढ़ापा आ गया, अब उसका जीवन का आखिरी दिन था और मृत्यु उसे लेने आ गई वह मृत्यु से कहने लगा कि अभी तो मैंने अपनी जिंदगी जी ही नहीं मैंने इतना पैसा कमाया वो अभी खर्च भी नहीं किया। 

 

लेकिन मृत्यु ने कहा कि अब तुम्हारा जिंदगी का सारा समय समाप्त हो चुका है और अब इसे बड़ाया नहीं जा सकता उसने मृत्यु से कहा कि तुम मेरा आधा धन ले लो और मुझे 1 साल दो जिंदगी जीने के लिए मृत्यु ने माना कर दिया उसने फिर कहा तुम मेरा 90 प्रतिशत धन ले लो और मुझे 1 महिना दे दो मृत्यु ने फिर माना कर दिया उसने फिर कहा कि तुम मेरा सारा धन ले लो और मुझे 1 दिन का समय दे दो ,

मृत्यु ने उसे समझाया कि तुमने अपना सारा जीवन धन कमाने मे बीता दिया और अब तुम्हें मे 1 मिनट भी नहीं दे सकती, तुमने समय मे धन तो कमा लिया लेकिन धन से समय नहीं कमाया जाता। जब उस आदमी को समझ आ गया कि मई अपनी सारी जिंदगी का मोल पैसे देकर नहीं खरीद सकता तो जिंदगी का मोल कितना बड़ा है 

Moral of this short motivational story in hindi

इस Motivational story in hindi से हमे यह शिक्षा मिलती है कि हम भी अपने जिंदगी के future plans बनाते है कै लोग तो यहाँ तक सोचते हैं कि वह रिटाइर होने के बाद यह करेंगे लेकिन वास्तव मे कल है ही नहीं जो करना है आज करना है जिंदगी जीनी है तो आज जीनी है उसे कल पे मत टालो भले ही आप पैसा कमाओ अपने सपने पूरे करो लेकिन इन सब के बीच आप अपनी जिंदगी जीना मत भूल जाना 

 

Motivational story in hindi#2 युदधीशटर और ब्राह्मण

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Inspirational story in hindi – यह कहानी है महाभारत के समय की महाराज युधीशटर बहुत बड़े महात्मा थे जो भी उनके पास कुछ मांगने आता था वह उनकी इच्छा पूरी करते थे, एक दिन एक ब्राह्मण अपनी बेटी की शादी के लिए उनसे कुछ आर्थिक सहायता लेने आया लेकिन उस समय महाराज युधीशटर व्यस्त थे और उन्होंने कहा कि आप कल आना यह बात सुनकर वह ब्राह्मण वहाँ से निराश हो के लौट गया 

मार्ग मे उस ब्राह्मण को भीमसेन मिल गए महीमसें ने उस ब्राह्मण से पूछा कि तुम इतने उदास होकर क्यों जा रहे हो क्योंकि जो भी हमारे महल मे आता है वह खुश हो के जाता है और तुम उदास हो के जा रहे हो ऐसा क्यों? तो उस ब्राह्मण ने कहा कि मैं राजा युधीशटर के पास गया था और उन्होंने मुझे कहा कि आप कल आना 

 

यह बात सुनकर भीमसेन ने सारे शहर मे धिनडोरा पीट दिया कि कि महाराज युधीशटर  ने काल को जीत लिया यह बात राजा युधीशटर तक भी पहुँच गई और जब युधीशटर ने पूछा कितुमने यह क्या और क्यों कहा भीमसेन कहता है कि आपसे एक ब्राह्मण सहायता माँगनी आया था और आपने  उसको यह कह के भेज दिया कि कल आना तो इसका मतलब यही हुआ कि आपको पता है कि आप कल जीवित रहोगे और ब्राह्मण भी जीवित रहेगा

 

और कल तक आपके पास यह राज्य और धन भी रहेगा तो आपने तो काल को ही जीत लिया क्योंकि आपको तो कल का पता है यह बात सुनकर युधीशटर को अपनी गलती का एहसास हो गया और उसने उसी समय उस ब्राह्मण को बुलाया और उसकी बेटी की शादी के लिए धन दिया।

 

दोस्तों बात तो छोटी सी है लेकिन इसमे शिक्षा बहुत बड़ी है के ज़िंदगी के जो भी जरूरी काम है जो हमे कल पर कभी भी नहीं टालने चाहिए। मैंने यह बहुत बार सुना है कि हम कल से करेंगे लेकिन दोस्तों असल मे उनका कल आता ही नहीं है और जो लोग आज अभी से काम ही काम करना चाहते हैं है कल पर नहीं टालते वह लोग हमेशा कामयाब होते हैं 

Motivational story in hindi#3 व्यस्त अमीर व्यक्ति

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Motivational story – तीसरी कहानी भी हमारी इसी विषय पर है एक व्यक्ति अपनी जिंदगी मे बहुत धनी बनना चाहता था और वह एक साथ बहुत काम करने लगा जसिकी वजह से वह बहुत सारे कामों मे उलझ जाता था जिसकी वजह से उसकी यदाश कमजोर होने लगी वह जरूरी बातों को भी भूल जाता था और उसकी यह भूलने की बीमारी और बढ़ गई वह हर बात को थोड़ी ही देर मे भूल जाता था 

 

एक दिन उसकी तबीयत खराब हो गई उसको पेट दर्द हो गया और वह वैदय के पास गया पुराने समय की बात है उस समय doctors नहीं होते थे। उस वेदय को पता चल गया कि इसकी भुलने की बीमारी की वजह से वह कुछ भी खाता है और वैदय ने उसे सलाह दी कि तुम अब सिर्फ खिचड़ी ही खाना 

लेकिन उस व्यक्ति ने कहा कि मुझे भूलने कि बीमारी है और कहीं मई घर पहुंचते पहुंचते भूल ना जाऊ कि मुझे क्या खाना है ?

 

वैदय ने कहा आप चिंता मत करो और यहाँ से अपने घर तक खिचड़ी खिचड़ी बोलते जाओ रास्ते मे वह खिचिड़ी की जगह खाचिड़ी बोलने लगा और वहाँ एक किसान अपने खेत मे चिड़िया उदय रहा होता है और जब वह सुनता है कि यह तुम क्या बोल रहे हो तो वह कहता है कि मुझे एक साधु ने कहा कि तुम्हें यह सारे रास्ते मे बोलना है किसान ने कहा कि तुम्हें जिसने भी कहा हो मई यहाँ चिड़िया भागा रहाँ हु और तुम खाचिड़ी बोल रहे हो 

 

तो उस व्यक्ति ने पूछा कि फिर मुझे क्या बोलना चाहिए तो किसान ने कहा कि तुम बोलो उड़चिड़ी उड़चिड़ी कहो । अब वह उड़चिड़ी कहने लगा रास्ते मे एक शिकारी मिला उसने जब यह सुना तो उसको चांटा लगाया और कहा कि मैं  यहाँ चिड़िया फ़साने की कोशिश कर रहा हूँ और तुम हो कि उड़चिड़ी उड़चिड़ी कह रहे हो 

 

तो इसपर वह व्यक्तिमखने लगा कि तुम कहो कि आटे जाओ और पिंजरे मे फसते जाओ फिर वह व्यक्ति यही बोलने लगा रास्ते मे उसे चोर मिले जब उन्होंने यह सुना तो उन्हे लगा कि यह हमे फ़साना चाहता है उन्होंने उसे बहुत मारा तो वह व्यक्ति कहता है कि अब मुझे क्या कहना चाहिए तो उन चोरों ने कहा कि अब तुम्हें यह कहना है कि इसे छोड़ कर आओ और दूसरा लेकर आओ 

वह यावक्ती यह कहकर जा ही रहा था मार्ग मे लोग किसी मृत व्यक्ति को शमशान ले कर जा रहे थे जब उन लोगों यह सुना कि इसे छोड़कर आओ और दूसरा लेकर आओ तो सभी लोगों ने उसे बहुत फटकार लगाई तो फिर उसने पुचः कि अब मई क्या कहूँ तो उन्होंने कहा कि अब तुम कहो कि ऐसा किसी के साथ ना हो 

अब वह थोड़ी ही डोर जाता है अरु वहा रास्ते मे एक बारात जा रही होती है और जब वह बाराती यह सुनते है कि ऐसा किसी के साथ न हो तो वह उसे मारते है और कहते हैं कि हमारे घर मे इतना खुशी का दिन है और तुम कह रहे हो कि ऐसा किसी के साथ ना हो तो वह कहता है कि अब उसे क्या कहना चाहिए तो वह सभी बाराती कहते हैं कि ऐसा घर घर मे हो 

 

वह थोड़ी ही दूर चलता है वहाँ एक घर मे आग लागि होती है और  सभी गाँववाले उस आग को बुझाने मे लगे होते  हैं और वह जब यह सुनते है कि ऐसा घर घर मे हो तो वह उसे वहाँ भी मारते हैं और कहता हैं कि यहाँ आग लग गई है और तुम बोल रहे हो कि ऐसा घर घर मे हो तो इसपर वह व्यक्ति कहता है कि अब आप ही मुझे बताएं कि मई क्या कहूँ तो इसपर गाँववाले कहते हैं कि तुम कहो आग बुझ जाए 

 

यह कहकर अभी वह व्यक्ति आगे बढ़ ही रहा होता है उसे रास्ते मे एक कुमार मिलता है जो कि घड़े बना रहा होता है और जब वह यह सुनता है कि आग बुझ जाए तो वह कहता है कि तुम यह बोलना बंद करो वरना मई तुम्हारी खिचड़ी बना दूंगा, यह सुनकर उस व्यक्ति को याद आ जाता है कि उसे खिचड़ी बोलने को कहा जाता है 

 

वह व्यक्ति यह सोचने लगा कि मई तो एक शब्द ही बुलाया हूँ तो मुझे इतनी मार मिली है लेकिन जो लोग जिंदगी को जीना ही भूल जाते हैं उन्हे ज़िंदगी से कितनी मार मिलती होगी। दोस्तों यह कहानी भी हमारी ही जिंदगी से जुड़ी है हम भी जिंदगी मे जो जरूरी बातें होती है उन्हे भूल जाते है जो हम करना चाहते है उसे हम नहीं करते और बदले मे हमे तकलीफों परेशानियों का सामना करना पड़ता है 

Ignore status in hindi

Moral of the hindi inspiring story

लेकिन अगर हम ज़िंदगी मे धयं लगाना खुश रहना और अपने आप को समझना ना भूलें तो हम भी खुश रह सकते हैं । दोस्तों यह Inpring stories हमे यह शिक्षा देती हैं कि अगर हम जिंदगी मे खुश रहना जिंगी को जीना न भूलें तो हम अपनी जिंदगी बिना किसी परेशानियों के जी सकते हैं 

Motivational story in hindi#4 मूर्तिकार

Motivational short story in hindi एक गाँव मे एक मूर्तिकार रहा करता था वह गाँव मे बहुत अछि मूर्तियाँ बनाया करता था और इस काम से वह अच्छा खास कमा लेता था जिससे कि उसका जीवन चल सके,एक दिन उसे एक बेटा हुआ बेटा बड़ा हुआ और उस बच्चे ने बचपन से ही मूर्तियाँ बनानी शुरू कर दी। बेटा बहुत अछे मूर्तियाँ बनाया करता था और पिता अपने बेटे के काम को देखर बहुत खुश होता था 

बेटा अछी मूर्तियाँ तो बनाता था लेकिन बाप हर बार कोई न कोई कमी निकाल देता था वह हर बार कहता था कि बहुत अच्छा किया है लेकिन अगली बार इस कमी को दूर कर देना, बेटा भी कोई शिकायत नहीं करता था और बाप की सलाह पर अमल करता रहा और मूर्तिया बनाता रहा 

इस लगातार सुधार से बेटे की मूर्तियाँ बाप से भी अछी बनने लगी और ऐसा समय भी आ गया कि लोग बेटे मूर्तियों को अच्छा पैसा देकर खरीदने लगे जबकि बाप की मूर्तियाँ उसकी पहली वाली कीमत पर ही बिकती रही। बाप अभी भी बेटे की मूर्तियों मे कमी निकाल देता था लेकिन बेटे को यह चीज अब बिल्कुल भी अछी नहीं लगती थी और इन मन के उन गलतियों पर अमल करता था और उन्हे सुधार ही देता था 

एक समय ऐसा भी आया जब बेटे का सब्र टूट गया और अपने बाप से कहने लगा कि आप तो ऐसे कह रहे हो जैसे आप बहुत बड़े कलाकार है अगर आपकी सलाह इतनी सही होती तो आपकी मूर्तिया कम कीमत पर नहीं बिकती अब मुझे नहीं लगता कि आपकी सलाह की मुझे जरूरत है और मेरी मूर्तियाँ एकदम सही है 

बाप ने बेटे की यह बात सुनी और उसने बेटे को सलाह देना और बेटे की मूर्तियों मे कमी निकालना बंद कर दिया। कुछ दिन तो वह लड़का खुश रहने लगा लेकिन उसके बाद लोग उसकी मूर्तियाँ पसंद नहीं करने लगे थे जितना पहले करते थे और उसकी मूर्तियों के दाम बढ़ना भी बंद हो गए, शुरू मे तो उसे समझ नहीं आया लेकिन बाद मे वह अपने बाप के पास गया और उसको अपनी समस्या का हाल बताया 

बाप ने बेटे को बड़े ही शांति से सुना जैसे कि उसे अफले से पता था कि उसके साथ यह होने वाला था,बेटे ने पूछा  क्या आपको पहले से पता था कि यह होने वाला है ?बाप ने कहा हाँ आज से कै साल पहले मई भी ऐसे ही हालात से टकराया था, बेटे ने कहा कि आपने मुझे समझाया क्यों नहीं बाप ने जवाब दिया कि तुम समझना नहीं चाहते थे । 

बाप ने कहा कि मैं  जानता हु कि तुम्हारे जितनी अछी मूर्तियाँ मई नहीं बना सकता और ऐसा भी हो सकता है कि शायद मूर्तियों के बारे मे मेरी सलाह गलत हो और ऐसा भी नहीं है कि मेरी सलाह की वजह से तुम्हारी मूर्ति बेहतर बनी हो। लेकिन जब तुम मूर्तिया बनाते थे और तुमे मै तुम्हारी मूर्तियों मे कमियाँ निकलता था और तुम्हें यह चीज अछि नहीं लगती थी और तुम अगली बार और अछी मूर्ती बनाते थे ताकि फिर से मई कोई कमी ना निकाल सकूँ 

तुम हर बार खुद को बेहतर करने की कोशिश करते थे और वही बेहतर करने की कोशिश ही तुम्हारी कामयाबी का कारण था, लेकिन जिस दिन मैंने बोलना बंद कर दिया और तुम अपने काम से खुश satisfy हो गए तुम्हारी growth रुक गई। लोग तुमसे तुम्हारे बेहतर की अपेक्षा करते हैं और यही कारण है कि अब तुम्हारी मूर्तियाँ इतनी पसंद नहीं की जाने लगी और ना ही तुम्हें अब उसके लिए ज्यादा पैसे मिलते है 

बेटा थोड़ी देर चुप रहा और बोल कि अब मुझे क्या करना होगा ? बापप ने एक line मे जवाब दिया unsatisfy होना सीख लो हर बार माँ लो कि तुममे अभी भी बेहतर होने की गुंजाइश है यही एक बात तुम्हें आगे और भी बेहतर होने लिए inspire करती रहेगी तुम्हें हमेशा बेहतर बनाती रहेगी 

Moral Of The Hindi motivational story

– Never  Satisfy By Your Work Keep your Growth Always On

Motivational story in hindi#5 डर से जीत 

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Hindi motivational story – एक गाँव की बात है काफी समय पहले की वहाँ एक गुफा थी उस गुफा को लोग मौत की गुफा के नाम से जानते थे कोई भी उस गुफा के आसस पास भी नहीं जाना चाहता था इसका कारण यह था कि उस गुफा मे 300 से ज्यादा लोग जा चुके थे और कोई भी वापस लौट के नहीं आया था 

अब मजदारी की बात की जाए तो आज के नौजवान बहुत समजदार होते है सीधे शब्दों मे कहूँ तो आप भी समजदार हैं आपकी सोच भी दूसरों से अलग हो सकती है वहाँ के लोग डरते हुए या सोच सोच के ही समय निकाल रहे थे और उसे समय गाँव मे एक नौजवान आया 

नौजवान ने ये सब बाते सुनी कि गुफा मे इतने लोग गए और वापिस ही नहीं आए अब उसे इन सब बातों पर यकीन नहीं हुआ उसने सोचा कि आज के जमाने मे भी ऐसा हो सकता है तो उसने वहाँ जाने का ते किया और ऐसे ही बिना बताए चला गया और सछई किसी को पता नहीं चल पाई उसने गाँव वालों को बताया दिया कि वो उस गुफा मे जा रहा है 

कुछ दिनों मे सब गाँव वालों को पता चल गया कि वह लड़का उस गुफा मे जाने वाला है अब सब गाँव वाले उस के घर इकट्ठा हो गए और उसे समझाने लगे कि आखिर तुम जाना क्यों चाहते हो और अगर गए भी तो तुम वापिस नहीं आओगे और फिर साबित कसे करोगे कि तुमने वहाँ क्या देखा? लेकिन उस लड़के ने तो ठान  लिया था कि वह उस गुफा मे जा के रहेगा और जो भी सच्चाई है उसका सामना करके देखेगा,उसने किसी की बात भी नहीं सुनी और लेकिन उसने थान लिया कि वह उस गुफा मे जा के रहेगा और जो भी उस गुफा के सच्चाई होगी उसे जानकार रहेगा। 

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उसने किसी की भी बात नहीं सुनी और वह अगली ही सुबह गुफा की ओर जाने लगा और गुफा के अंदर जाने पर ही गुफा मे बहुत ही अंधेरा था और धीरे धीरे वह उस गुफा के अंदर पहुँचने लगा तभी उसे लगा कि उसका कोई पीछा कर रहा है और किसी ने पीछे से उसे धक्का दिया लड़के ने जसे ही पीछे देखा तो वहाँ 4 आदमी खड़े थे वो उसे बांध कर एक जगह ले गए उसे बांधकर जहां ले के गए वह जगह बहुत ही खूबसूरत थी,उस जगह मे सारी सुख सुविधाएं थी वह उन सभी चीजों को देख कर दाङ रह गया क्योंकि गुफा के अंदर गाँव से कुछ अच्छी छीजे भी थी 

जब उसने उन 4 आदमियों से पूछा तो उसने कहा हम सभी इस गुफा मे तुम्हारी ही तरह आए पर यहाँ यह सारी चीजे देख कर हार मन नहीं किया यह से जाने का,हमने तुम्हें धक्का ड़राने के लिये दिया था लेकिन तुम्हारी हिम्मत देखकर हम यहाँ तुम्हें ले आए 

यह सारी चीजे  सुनकर वह नौजवान भी वहीं पर रुक गया और उस गुफा मे गए हुए  लड़के को एक महिना हो चुका था और कामी समय निकल गया और गाँव वालों को यही लगा कि वह कोई भूत प्रेत का साया है या कोई ऐसी चीज है जो अंदर से बाहर नहीं आने देती और लोगों का वहां पक्का हो चुका था कि अंदर जाने वाला इंसान कभी बाहर नहीं आ सकता 

Moral of the motivational story

यानि कहानी का सार यह है कि लोग हमे कोई भी नया काम शुरू करने से पहले हमे इसी तरह से डराते है की तुमसे यह नहीं हो पाएगा तुम यह नहीं कर पाओगे तुमसे यह नहीं होगा या तुम्हारे जसे लोगों ने बहुत कोशिश की थी लेकिन वह भी नहीं कर पाए और तुम कसे कर पाओगे ? इस काम को करोगे तो ऐसा होगा वैसा होगा हम भी पहले इस काम को कर चुके है 

जसे आपको किसी भी field मे जाना है तो हम अपने idea को किसी के साथ भी discuss करते है तो सबसे पहले आपको यही सुनने को मिलेगा की यह काम मत करो कोई नौकरी कर लो या फिर आपने buisness करने का सोचा है तो आपको कहेंगे की यह बिसनेस्स कोई नहीं करता। तुम पैसे काहाँ से लाओगे,buisness मे घाटा होता है यह सब बाते सुनकर हम उन गाँव वालों की तरह विश्वास करने लग पड़ते है कि इस गुफा मे नहीं जाना है क्योंकि यह गुफा खतरनाक है। दोस्तों जब्तक हम उस गुफा मे खुद जा कर नहीं दकहेंगे की वहा क्या हो रहा है तब तक हमे उस गुफा की जानकारी नहीं मिल पाएगी जिस गुफा मे हम जाना चाहते है

हम भी उन गाँव वालों की तरह विश्वास कर लेते हैं की इस गुफा मे सच मे कुछ खतरनाक है लेकिन दोस्तों हमे उन गाँव वालों की तरह नहीं सोचना है बल्कि उस लड़के की तरह सोचना है जिसने डर से जीतकर उस गुफा मे जाने का फैसला किया और डर से लड़कर हमे अपने सपने पूरे करने है जो हमने देखें हैदोस्तों फैसला भी आपको ही लेना है और result भी आपको ही मिलेगा Best Of Luck अगर आपको ये कहानी पसंद आई तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजिए और उन्हे भी उस गाँव के अँधेरों से गुफा तक ले जाइए जहां वो जाना चाहते है 

Motivational story in hindi #6 चालाक तोता

Motivational story hindi – एक तोता होता था वह एक buisness man के घर रहता था, दोनों कि आपस मे बहुत ज्यादा बनती थी दोनों आपस मे बाते भी करते थे पर buisness man जो था वो पूजा पाठ जैसे कामों मे ज्यादा व्यस्त रहता था हमेशा सत्संग जाया करता था। एक दिन तोते ने उससे पुचः कि आज तुम जो सतसंग जा रहे हो तो अपने गुरुजी से पूछना कि एक खुशाहाल जीवन कैसे किया जा सकता है ?

buisness man सत्संग चला जाता है और गुरुजी से सवाल पूछता है कि मेरा तोते ने आपसे उसका सवाल पूछने के लिए कहा है कि खुशाहाल जीवन कैसे जियें लेकिन मैं आपको बताया दूँ कि मई अपने तोते को ac मे रखता हूँ अच्छा कहना देता हूँ और भी कै सारी बेहतर सुविधाएं उसको देता हूँ 

अचानक सवाल सुनकर गुरुजी बेहोश हो गए लोग डर गए कि अचानक गुरुजी को क्या हो गया गुरुजी को पानी पिलाया और उन्हे होश आ गया और उठ के वह बैठ गए और गुरुजी को उनका जवाब भूल गया क्योंकि बहुत सारे लोग वहाँ इक्कथहए हो गए थे buisness man बिना जवाब के घर आ गया 

जब घर पहुंचता है तो वह तोते से कहता है कि तुम्हारा सवाल सुनकर ही गुरुजी बेहोश हो गए और तुम्हारे सवाल का जवाब नहीं मिला। buisness man रात को सो जाता है सुबह उठकर वो तोते को पानी पिलाने जाता है लेकिन तोता मर चुका होता है जसे ही वह पिंजरा खोलता है तो वह तोता उड़द जाता है और कहता है कि दोस्त यही तो गुरुजी का इशारा था मेरी जिंदगी इस पिंजरे मे नहीं है और मुझे इसी तरह यहाँ से बाहर निकलना है और फ़र से तोता उड़ गया 

 

Moral of this motivational story in 2021

वैसे ही दोस्तों  हमारी life है कि जब तक कुछ बड़ा नहीं होगा तब कुछ कर नहीं पाऊँगा छोटी छोटी चीजे आपको सिखाती है अगर आप उसपे गौर करे तो आप जरूर आगे बदेंगे 

Motivational story in hindi #7 कभी हार मत मानो

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Inspiring story – life मे problem चल रही है कुछ समझनहीं आ रहा। अगर सपनों के शहर मे हारने का मन कर रहा है सब कुछ छोड़ कर normal जिंदगी जीने का मन कर रहा है तो यह काहानी आपको जरूर हिम्मत देगी जुर इस कहानी से आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा 

यह कहानी है एक आदमी और एक गधे की इस कहानी को ध्यान से पढ़ना और समझने की कोशिश करना क्योंकि यह कहानी आपकी सोच बदल कर रख देगी एक आदमी जंगल से जा रहा होता है उसके साथ एक गधा  होता है थोड़ी दूर चलने के बाद वह गढहा गधे मे गिर जाता है वह गधा काफी कोशिश करता है गधे से बाहर निकलने की लेकिन काफी मेहनत के बाद वह गधा बाहर नहीं निकाल पा रहा था, उस आदमी ने भी कई प्रयास किये लेकिन अंत मे उसने प्रयास करना छोड़ दिए और उसने सोच लिया कि गधा अब निकल नहीं पाएगा 

वह आदमी सोचता है कि उस गधे को अब इसी गढ्डे मे दफनाना चाहिए ताकि इसे कोई जानवर खा ना सके थोड़ी देर आगे चलते उसे मिट्टी का ढेर दिखता है और वह उस गधे के ऊपर मिट्टी डालने लग पड़ता है, वह धीरे धीरे मिट्टी को डालता है और कमाल की बात तो यह है कि वह गधा मिट्टी के सहारे धीरे धीरे ऊपर आने लगता है यानि धीरे धीरे गधा मिट्टी के सहारे ऊपर आ जाता है 

Moral of this motivational story

दोस्तों जिस तरीके से वह आदमी गधे को दफना रहा था लेकिन उसकी उसे तरकीब से गधे कि जान बच गई दोस्तों हमारी लाइफ मे भी बार बार ऐसे ही मुश्किलें जिसका कोई हल नहीं है वह आती है लेकिन सच्चाई यह है कि ऐसी कोई मुश्किल ही नहीं है जिसका कोई हल न हो यानि ऐसी कोई मुश्किल ही नहीं जिसका कोई हाल ही ना हो 

Motivational Story In Hindi#8 एक लड़का जो फेल हुआ था

Short inspirational story in hindi – यह कहानी तुम्हारे रोंगटे खड़े कर देगी एक लड़का सारा साल मस्ती करता है पढ़ाई मे उसका थोड़ा भी मन नहीं बस हर जगह अपना व्यक्त बर्बाद करता था साल खत्म हुआ उसके school का result आया कुछ खास नहीं बल्कि वह बुरी तरह से fail हो गया ये देखकर वो एक दम शांत हो गया मानो एक पल मे वह टूट सा गया 

उसकी school से घर तक जाने की हिम्मत नहीं थी सुर उसे अपनी गलती का एहसास हुआ दौड़ भाग के अपने घर जा पहुंचा और अपनी मा को गले लगाकर वह खूब रोया और वह शांत बैठकर अपनी गलती का एहसास किये जा रहा था और परेशान होकर रो रहा था 

माँ ने उसे हौंसला दिया और कहा हारा तो नहीं सिर्फ फ़ाइल ही हुआ है मा की बाते सुनकर उसे थोड़ा हौसला आया। शाम को उसके घर आस पड़ोस के लोग आए और उससे पूछने लगे कि बेटा तुम्हारा result कैसा रहा तो उसकी मा ने बोला कि मेरे बेटे को अच्छे मार्क्स मिले हैं 90 प्रतिशत उसने score किया है यह सुनकर वह सभी चौंक गए और सोचने लगे कि यह लड़का तो इतना नहीं पड़ता लेकिन फिर भी इतने ज्यादा marks कैसे ले आया ?

कुछ देर बाद वह सारे लोग वहाँ से चले गए और वह लड़का उठाया और बोला किक्या जरूरत थी तुम्हें इन सबसे झूठ कहने की ? जब उन लोगों को पता चल; जाएगा कि मैं fail हुआ हूँ तो वो तुम्हें ताना देंगे और बोलेंगे कि माँ ने झूठ कहा और सबको बताएंगे 

माँ ने कहा बेटा तुझे मैं नहीं समझूँगी तुझे तो कौन समझेगा तू सिर school के नंबर कम लाया है  जिंदगी  से नहीं हारा मैं तुझे देखकर जी रहीं हु दुनिया को देखकर नहीं यह सुनकर बेटा रो पड़ा 

Moral of the motivational story

दोस्तों अगर आपके भी exams मे नंबर कम आए हैं या fail हुए तो घबराएं न आप जिंदगी मे fail  नहीं हुए हैं  ऐसे उद्दाहरण है जिन्होंने exams मे अच्छे नंबर नहीं ले जबकि फ़ाइल हुए लेकिन उन्होंने जिंदगी मे बहुत बड़ा मुकाम हासिल किये है। तो आप घबराएं ना कि आपके नंबर कम आए हैं 

Motivational story in hindi #9 असली और नकली हीरे मे फरक

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Motivation story in hindi – एक आर एक व्यक्ति राजा के दरबार मे गया और राजा के पास 2 चमकते पत्थर ले गया जो कि दोनों पत्थर एक जैसे दिखते थे , उस आदमी ने बोला महाराज मेरे पास ये 2 पत्थर है जिसमे एक हीरा है और एक आम पत्थर है और आपके दरबार मे जो कोई इन पत्थर मे से असली हीरे को पहचान लेगा तो मई उसे असली हीरा दे दूंगा अब राजा माँ गया लेकिन उस व्यक्ति ने एक शर्त रखी कि अगर कोई असली हीरा ना पहचान पाया तो राजा को मुझे 5000 मुद्राएं देनी होगी राजा माँ गया 

सभा मे लोग असली हीरे को पहचानने लगे बड़े से बड़ा विद्वान असली हीरे को नहीं पहचान पाया अंत मे राजा ने हार माँ ली और उसे 5000 स्वर्ण मुद्राएं दे डाली , वह व्यक्ति दूसरे राज्य के राजा के पास गया किन्तु वहाँ पे भी कोई पहचान न सका और उसने वहाँ भी स्वर्ण मुद्राएं जीत ली , इसी प्रकार वह आदमी हर आर शर्त रखता और हमेशा सोने की मुदराये जीत लेता और आगे बढ़ता 

एक आर वह फिर से एक राजा के पास गया वह राजा ने धूप मे सभा लगाई थी क्योंकि सर्दियों का समय था तो राजा धूप मे काम काज निपटा रहा था यहाँ भी राजा ने उसकी चुनौती स्वीकार कर ली और वहाँ के सभी  विद्वानों ने पत्थरों को देखा लेकिन फिर से एक बार कोई पहचान ना पाया राजा ने निराश होकर 5000 स्वर्ण मुद्राएं देने को कहा 

लेकिन वही पर एक आधा व्यक्ति आता है और कहता है कि महाराज क्या मैं छूकर पता लगा सकता हूँ महाराज ने कहा क्यों नहीं उस अंधे व्यक्ति ने दोनों पत्थर हाथ मे पकडा और इशारा कर के कहा कि महाराज मेरे बाये हाथ मे असली हीरा है जबकि दायें हाथ मे नकली चमकता पत्थर जिसका कोई मोल नही 

हीरों का मालिक हैरान हो गया और उसने पूछा कि तुमने कैसे पता लगाया तो उस व्यक्ति ने जो जवाब दिया वह सुनकर वहाँ सभी दंग रह गए उसे कहा कि असली हीरा वही है जो धूप मे भी ठंडा रहे जबकि नकली पत्थर दूप से गर्म हो जाता है बिल्कुल हम इंसानों की तरह ,

Moral of this inspiring story

दोस्तों यदि हम बड़ी सफलता मिलने पर शांत रहते है तो हम उच्च कोटी के इंसान बनते है और यदि हमे थोड़ी से सफलता मिलने पर खुश और उतावले हो जाते हैं तो कहीं हम वह सस्ते पत्थर तो नहीं ?

Moral Of This SuccessStory In Hindi

तो दोस्तों इस कहानी से हमको यह सीख मिलती है कि हमे थोड़ी से साफ;ता मिलने पर उतावले नही होना चाहिए बल्कि उसको हासिल कर पीछे छोड़ अगले लक्ष्य की ओर बड़ना चाहिए

Motivational story in hindi #10 अमेरिकन लेखक एक सच्ची कहानी

Ispirational short story in hindi – अमेरिका का एक लेखक था,एक दिन वह अपने कमरे में बैठ कुछ लिख रहा था वह बेहद अवसाद में था । वह लिख रहा था कि पिछले वसंत के मौसम में उसके दिल का ऑपरेशन हुआ.

  • जब वह ऑपरेशन से घर आकर कुछ दिन आराम कर रहा था कि पता चला दूर शहर में छोटे भाई के साथ रहने वाली उसकी माँ कि मौत हो गईपिछले ही साल उसकी दूसरी बीवी ने उसे शादी के पाँच साल बाद तलाक देकर पीटसबर्ग के किसी लोहे के व्यापारी से शादी कर ली।मेरी नौकरी को अभी तीन साल बचे थे लेकिन मेरी कंपनी ने मंदी के कारण हजारों की छंटनी कर दी।
  • मेरी एकलौती बेटी का कार एक्सिडेंट हो था जिसमें वह बच गई लेकिन कॉलेज की आखिरी सेमेस्टर की परीक्षा नहीं दे पाई।लेखक ने नीली स्याही से बड़े बड़े अक्षरों में लिखा , पिछला साल शैतान का साल था बहुत बुरा गुजरा लेखक की बेटी उसके कमरे में आई। उसने देखा पापा काफी परेशान और दुखी है,वह बिना कुछ बोले लेखक की लिखी बातें कुर्सी के पीछे से पढ़ ली,लेखक कुछ देर के लिए डाक खाने गया,वापस आया तो देखा उसकी मेज पर एक और कागज रखा हुआ है,इस कागज पर उसकी बेटी ने कुछ लिखा था :-
  • ईश्वर की बड़ी कृपा हुई कि मेरा दिल का दर्द जाता रहा , अगर ऑपरेशन नहीं करता तो यह और बढ़ता जाता।
  • ईश्वर की बड़ी कृपा हुई कि माँ असाध्य रोग से तड़प रही थी उसे इस मुक्ति मिल गई और ईश्वर ने उन्हें अपने दिव्य लोक में बुलवा लिया
  • ईश्वर की बड़ी कृपा हुई कि उसकी दूसरी बीवी का चरित्र समय पर उजागर हो गया और वह बर्बाद होने से बच गया
  • ईश्वर की बड़ी कृपा हुई कि मैं नौकरी से मुक्त हो गया अब मैं किसी प्रकाशन में अपने मन का काम कर सकता हूँ ।
  • ईश्वर की बड़ी कृपा हुई कि मेरी एकलौती बेटी कार एक्सिडेंट में सही सलामत बच गई । उसे एक वर्ष और बढ़िया तैयारी करने भी वक्त मिल गया।
  • लेखक के बेटी ने ने नीली स्याही से बड़े बड़े अक्षरों में लिखा , पिछला साल भगवान का साल था बहुत अच्छा गुजरा

इस motivational stories से क्या सीखने को मिला :-

  1. हर डार्क साइड का एक ब्राइट साइड भी होता है । इसलिए फोकस हमेशा ब्राइट साइड पर रखिए
  2. जो बदलाव अभी बुरा लग रहा है उसमें भविष्य के अच्छे दिनों के बीज छुपे हो सकते है
  3. जो हो चुका उसे नहीं बदला जा सकता इसलिए उसे खुले दिल से स्वीकार कर ईश्वर का प्रसाद समझ ग्रहण करें और आगे बढ़े
  4. सकारात्मक नजरिया एक हैबिट है और यह हैबिट निरंतर पोसिटिव सोच से बनता है। इसलिए हर दिन हर घटना से कुछ पोसीटिव निकालने का प्रयास करें। 

Motivational story in hindi #11 मेंडक और मेंडकी

Short motivational story in hindi with moral – एक मेंढ़क और एक मेंढकी एक कुँए में रहते थे बड़े आराम से। दोनों पति-पत्नी बहुत प्यार से जीवन व्यतीत कर रहे थे।दोनों में प्रेम की कमी नहीं थी लेकिन विचारों की बहुत भिन्नता थी। जहाँ एक और मेंढक नास्तिक था और सिर्फ़ हक़ीक़त व वास्तविकता पर विश्वास करता था वहीं दूसरी तरफ़ मेंढकी ईश्वर के प्रति सम्पूर्ण समर्पित थी। मेंढकी का विश्वास था कि ईश्वर उसे किसी भी मुसीबत से निकाल लेंगे लेकिन मेंढक उसकी इस सोच पर हँसता रहता था,एक दिन कुँए में एक साँप आ गया जाने कहाँ से?

मेंढक और मेंढकी बहुत डर गए। उन्हे लगने लगा कि अब उनका बचना नामुमकिन है। मेंढक एकदम से निराश टूट गया और आँखे बंद करके बैठ गया जैसे ही साँप उनके नजदीक आया। इधर मेंढकी ने ईश्वर से प्रार्थना करनी शुरू की, उसे विश्वास था कि ईश्वर उसके जीवन की रक्षा करेंगे,मेंढक ने फ़िर से उस पर गुस्सा किया कि चुप रहो कोई नहीं आएगा यहाँ मदद करने.

जैसे ही साँप ने अपना मुँह खोला तभी  एक बाल्टी ऊपर से आई और मेंढक व मेंढकी पानी के साथ बाल्टी में ऊपर चले गए,इसपर मेंडकी कहती है देखा मैंने कहा था ना ईश्वर हमारे साथ है।”, मेंढकी ने ईश्वर का धन्यवाद करते हुए कहा । दूसरी तरफ मेंडक खता है ये सिर्फ़ एक इत्तेफाक था कि हम बच गए।”,तभी बाल्टी का वो पानी मिट्टी के एक घड़े में डाल दिया गया। इससे पहले कि मेंढक और मेंढकी घड़े से बाहर निकल पाते, घड़े को ऊपर से ढक दिया गया। और नीचे से आग चालू कर दी,जैसे ही पानी का तापमान बढ़ने लगा मेंढकी ने फ़िर से ईश्वर की प्रार्थना की।

“हाँ अब बुलाओ अपने ईश्वर को मदद के लिए। देखें हम कैसे बचते है? अब कुछ नहीं हो सकता हम नहीं बचेंगे।”, मेंढक ने निराश होते हुए कहा,तभी मिट्टी का घड़ा एकदम से चटक गया और मेंढक और मेंढकी बाहर आ गए।जब आप टूटा हुआ महसूस कर रहे हो, रास्ते हर तरफ़ से बंद नज़र आ रहे हो। जब आपको लगें कि चीजें आपके हाथ मे नहीं है तब ईश्वर को समर्पण करना ही उचित है,धैर्य रखिए। परिस्थितियों के बदलने का इंतजार करिए। एक दिन आयेगा जब चीजें आपके हाथों में होगी।

Motivational story in hindi #12 2 पत्थर

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Motivation storyएक समय की बात है एक नदी जो कि बहुत ऊंचाई से बैठी और जब निचले स्तर पर आ गई तो उसके साथ कई प्रकार के पत्थर पड़े थे कुछ गोलाकार कुछ नुकीले कई पत्थर पड़े होते हैं  दिन में तो पत्थर भी वहां रहते थे और उनमें मित्रता हो जाती है उनमें से एक पत्थर देखने को बहुत ही सुंदर सा गोलाकार था और साथ में था जब तक खुरदुरा सा था उतना अच्छा नहीं था जिसका आकार भी अच्छा नहीं। 

 दोनों के बीच विचार आदान प्रदान हुए तो खुरदुरे पत्थर ने कहा कि भाई मई तुमसे कुछ प्रशन पूछ सकता हूँ चिकने पत्थर ने कहा जरूर तो उस खुर्द में पत्थर ने कहा कि मैं और तुम उस छोटी से बेहतर यहां आए हो उसके बावजूद तुम इतने गोल मटोल और दिखने में आकर्षक और अब जो उस गोल मटोल पत्थर ने कहा यकीन मानो ऐसा लगा कि उसने जिंदगी  का अर्थ ही बदल  दिया हो 

उस चिकने पत्थर ने कहा कि शुरुआत में मैं भी तुम्हारे ही  जैसा था कोई रंग रूप नहीं कोई आकार नहीं लेकिन उसके बाद मैंने कई निरंतर प्रयास किए मैंने जिंदगी में कड़ी मेहनत की है कई सालों तक बड़े बहाव को झेला है मैंने कई बार तूफान को झेला है बाढ़ को झेला है तब जाकर मै ऐसा सुंदर बना हूं मेरा आकार जगह-जगह टकराकर टूट कर बना है और तब जा कर मुझे यह रूप मिला है लेकिन तुम नाराज मत हो अपने इस रूप से तुम परेशान मत हो निराश मत हो ,जिंदगी में संघर्ष करो क्योंकि आपने अगर जिंदगी में यह संघर्ष नहीं किया । 

मुझे भी यही लगा था मैं भी चाहता आराम से इसी किनारे पर बैठा रहता और संघर्ष नहीं करता लेकिन इसके बावजूद भी मैंने संघर्ष करना उचित समझा क्योंकि उस आराम से पढ़े रहने से अच्छा है कुछ मेहनत करो संघर्ष करो कुछ  इच्छा करो आगे बढ़ने की और आज मैं तुम्हारे सामने ।  दोस्तों इस कहानी से हमें बहुत बड़ी सीख मिलती है और संघर्ष में इतनी ताकत होती है कि वह इंसान को बदल कर रख देता है

Moral of this motivational story in hindi

इसलिए जिंदगी में कभी संघर्ष मत छोड़िए प्रयास बंद मत करिए कई बार आपको  निराशा हाथ लगेगी और आपको आपके प्रश्नों का फल नहीं मिलेगा लेकिन आपको संघर्ष करना बिल्कुल भी बंद नहीं करना है और आप अपनी जिंदगी में कुछ बेहतर करने के लिए कुछ अच्छा पाने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे और अगर आप निरंतर मेहनत और संघर्ष करेंगे तो दुनिया की कोई ताकत आपको आगे बढ़ने से और आपकी ऊंचाइयों को पाने से रोक नहीं सकते यह आप लिखकर ले लीजिए 

 इस Motivational story in hindi से याद रखने योग्य व बातें- MOTIVATIONAL QUOTES IN HINDI FROM THIS STORY

> जिंदगी में ऐसा कभी नहीं होगा कि आप संघर्ष और मेहनत करो उसका फल आपको ना मिले

> कभी भी हार कर मत बैठो क्या पता कौन से क्षण में आपकी किस्मत बदल जाए

> बिना संघर्ष और मेहनत के आप कभी भी कुछ बड़ा नहीं कर पाओगे

> जिंदगी एक खेल है और इस खेल में आपको बने रहना है

> अंत में जिस दिन आप जिंदगी के खेल को जीत लोगे वह दिन के बाद आपके जीवन में खुशियां ही खुशियां आएंगी 

Motivational story in hindi #13 मंदिर का पुजारी

Motivational kahani in hindi – एक मंदिर था उसमें सब लोग पगार पर काम करते थे .आरती वाला,पूजा कराने वाला आदमी,घंटा बजाने वाला भी पगार पर था…घंटा बजाने वाला आदमी आरती के समय भाव के साथ इतना मशगुल हो जाता था कि होश में ही नहीं रहता था।घंटा बजाने वाला व्यक्ति भक्ति भाव से खुद का काम करता था। मंदिर में आने वाले सभी व्यक्ति भगवान के साथ साथ घंटा बजाने वाले व्यक्ति के भाव के भी दर्शन करते थे,उसकी भी वाह वाह होती थी…

एक दिन मंदिर का ट्रस्ट बदल गया,और नए ट्रस्टी ने ऐसा आदेश जारी किया कि अपने मंदिर में काम करते सब लोग पढ़े-लिखे होना जरूरी है। जो पढ़े-लिखे नहीं है उन्हें निकाल दिया जाएगा।उस घंटा बजाने वाले भाई को ट्रस्टी ने कहा कि ‘तुम्हारे आज तक का पगार ले लो अब से तुम नौकरी पर मत आना।उस घंटा बजाने वाले व्यक्ति ने कहा, ‘साहेब भले मैं पढ़ा लिखा नहीं हूं पर इस कार्य मैं मेरा भाव भगवान से जुड़ा हुआ है देखो…

ट्रस्टी ने कहा, ‘सुन लो, तुम पढ़े-लिखे नहीं हो, इसलिए तुम्हें रख नहीं रख पाएंगे..दूसरे दिन मंदिर में नये लोगों को रख लिया…परन्तु आरती में आए लोगों को अब पहले जैसा मजा नहीं आता। घंटा बजाने वाले व्यक्ति की सभी को कमी महसूस होती थी।कुछ लोग मिलकर घंटा बजाने वाले व्यक्ति के घर गए, और विनती की तुम मंदिर आया करो।उस भाई ने जवाब दिया, ‘मैं आऊंगा तो ट्रस्टी को लगेगा नौकरी लेने के लिए आया है इसलिए आ नहीं सकता हूं…’

लोगों ने एक उपाय बताया कि ‘मंदिर के बराबर सामने आपके लिए एक दुकान खोल देते हैं, वहां आपको बैठना है और आरती के समय बजाने आ जाना, फिर कोई नहीं कहेगा तुमको नौकरी की जरूरत है..’उस भाई ने मंदिर के सामने दुकान शुरू की, वह इतनी चली कि उसने एक दुकान से सात दुकान और सात दुकान से एक फैक्ट्री खोल ली वह आदमी इतना अमीर हो गया कि अब वो आदमी मर्सिडीज से घंटा बजाने आता था,समय बीतता गया, यह बात पुरानी हो गई,मंदिर का ट्रस्टी फिर बदल गया।

नए ट्रस्टी को नया मंदिर बनाने के लिए दान की जरूरत थी,मन्दिर के नए ट्रस्टी को विचार आया सबसे पहले उस फैक्ट्री के मालिक से बात करके देखते हैं..ट्रस्टी मालिक के पास गया सात लाख का खर्चा है। फैक्ट्री मालिक को बताया।फैक्ट्री के मालिक ने कोई सवाल किए बिना एक खाली चेक ट्रस्टी के हाथ में दे दिया। और कहा चैक भर लो ट्रस्टी ने चैक भरकर उस फैक्ट्री मालिक को वापस दिया। फैक्ट्री मालिक ने चैक को देखा और उस ट्रस्टी को दे दिया,ट्रस्टी ने चैक हाथ लिया और कहा सिग्नेचर तो बाकी है।

मालिक ने कहा मुझे सिग्नेचर करना नहीं आता है, लाओ अंगूठा लगा देता हूं, ..वही चलेगा ..यह सुनकर ट्रस्टी चौंक गया और कहा, “साहब तुमने अनपढ़ होकर भी इतनी तरक्की की, यदि पढ़े-लिखे होते तो कहां होते …!!!”तो वह सेठ हंसते हुए बोला,भाई मैं पढ़ा-लिखा होता तो बस मंदिर में घंटा ही बजाय रहा होता’

Moral of the Motivational story in hindi : 

कार्य कोई भी हो, परिस्थिति कैसी भी हो, तुम्हारी स्थिति, तुम्हारी भावनाओं पर निर्भर करती है। भावनाएं शुद्ध होंगी तो ईश्वर और सुंदर भविष्य पक्का तुम्हारे साथ होगा। जो काम करो पूरे 100 प्रतिशत मोहब्बत और मेहनत के साथ करो। विपरीत स्थिति में किसी को दोष मत दो, हो सकता है उसमें कुछ अच्छा छुपा हो ।

Motivational story in hindi #144 Nic vujici एक सच्ची कहानी

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Motivational story in hindi for successदोस्तों आज मैं आपको nick Vujicic की कहानी सुनाने जा रहा हूँ ,nick Vujicic जो कि दुनिया भर मे अपनी inspirational speeches की वजह से दुनिया भर मे मशहूर है । दोस्तों आप कई बार सोचते होंगे कि काश मैं दिखने मे खूबसूरत होता ,काश मेरे अंदर भी कोई special talent होता तो मैं भी जिंदगी मे कुछ बड़ा कर पाता 

दोस्तों nick Vujicic के हालातों से अगर खुद कोटोला जाए तो इन सभी बहानों को सुननेपर हसी आती है , nick Vujicic जो इना हाथ पैर के पैदा हुए आज उके नाम life withought lims और attitude is altitude दो बड़ी कंपनी के founder है , हम लोगों के पास हाथ पैर होते हुए भी हम बहाना बनाते है किन्तु nick Vujicic ने बिना हाथ पैर होते हुए भी विश्व भर मे अपना नाम काम लिया है 

nick Vujicic का जन्म 4 दिसम्बर 1982 मे ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न मे जन्म हुआ था ,उनकी अपनी बाईओग्राफी life withought limits  मे लिखा है कि जब वे पैदा हुए थे तो उनकी माता जी भी चौंक गई थी , nick Vujicic एक swimmer ,writter ,और समुन्द्र मे सर्फिंग भी करते हैं , परंतु इस मुकाम तक पहुँचने के लिए निक का बचपन किसी बुरे सपने से कम नहीं था 

nick Vujicic को और किसी तरह की बीमारी नहीं थी दिमागी तौर पर वह ठीक थे लेकिन हाथ पैर न होने पर nick Vujicic को normal स्कूल मे पढ़ने का मौका नहीं मिल पाया , स्कूल मे निक का बच्चे मजाक उड़ाते थे और पहली बार देख के निक को लोग चौंक से जाते थे एक बच्चे के मन मे इन सब चीजों का कितना असर पड़ता है ये सब तो आप महसूस कर ही रहे होंगे 

निक को यह बात बचपन मे हमेशा खलती थी कि वह एक normal लोगों की तरह क्यों नहीं है और भगवान ने उसे ऐसा क्यों बनाया है लेकिन किसी के पास भी निक के इस सवाल का जवाब नहीं होता था , निक जब दूसरे बच्चों को साइकिल चलाते और मैदान मे खेलते देखते तो वह बहुत दुखी होते लेकिन निक के पैर मे छोटी सी उँगलियाँ थी जिसकी मदद से निक लिखने लगे बाल बनाने लगे 

निक अपनी जिंदगी से इतने ज्यादा परेशान हो चुके थे कि 17 साल की उम्र मे उहोने खुदखुशी भी करना चाही, इस सदमे के बाद निक की माँ उन्हे एक आर्टिकल पढ़ाती है जिसमे एक handicap इंसान ने अपनी जिंदगी मे कितना कुछ हासिल किया होता है इसको पढ़ने के बाद निक की सोच बदल गई ,निक ने सोच लिया कि वह उन जैसे कई लोग जिन्होंने जिंदगी मे हार मान ली है वह उनको दोबारा जाग उठाने  मे मदद करेंगे

इसी मकसद से निक life withought limbs नामक organisation को शुरू करते है जिसका मकसद उन जैसे लोगों को आम जिंदगी देना होता है जैसे की शादी करना ,हसता परिवार का होना और भी कई काम जो आम आदमी करता है और आज निक अपने इस सपने को साकार कर चुके है हलाकी इस सफर मे उन्हे कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था 

nick vujicic family and wife 

2012 मे निक ने Kanae Miyahara से शादी कर ली और आज उनका हसता खेलता परिवार है निक के 4 बच्चें भी है जिनके साथ वह बहुत खुश हैं साल 2005 मे निक young australian award के लिए सम्मननित किये गए थे और 2009 मे निक the butterfly circus नामक शॉर्ट फिल्म भी की जिसके लिए उन्हे best short film actor का अवार्ड भी दिया गया

साल 2010 मे निक ने life withought limbs नामक किताब छापी यह किताब 30 से जादा भाषाओं मे छापी गई , दोस्तों निक ने ये सब कर दिखाया उनके जिंदगी के प्रति सकरात्मक विचारों से यानि positive thoughts से । निक हमेशा कहते थे attiude is everything ,दोस्तों आपके हालात जैसे भी हों आप किसी भी स्थिति से गुजर रहे हो लेकिन अगर आपका attitude positive है तो आप सब कुछ हासिल कर लोगे 

दोस्तों एक इंसान जिसके हाथ पैर नहीं थे अपने attitude से उसने सबको अचमहित कर दिया सोचो आपके पास तो वह सब कुछ है जो निक के पास नहीं था आप क्या कर सकते हो ?ये लेख अगर पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ share जरूर करें क्या पता आपके एक share से किसी की जिंदगी बदल जाए और आप किसी के प्रेरक बन जाओ 

best and new 11 Nick vujicic quotes in hindi

1. आपका खुद पर विधवास ही आपका अच्छे जीवन का निर्माण कर सकता है –  Nick vujicic inspirational quotes

2. उम्मीद खोना हाथ खोने से ज्यादा दुखदायक है – Nick vujicic motivational quotes

3. हम सभी लोग गलतियाँ करते हैं लेकिन हममे मे से कोई भी गलती नहीं है – quotes of Nick vujicic

4. आपके दुख कभी-कभी  चलते रहने से ठीक हो जाते है – motivational quotes in hindi for students

5. जिदगी अच्छी हो सकती है अगर हम निर्धारित कर लें – motivational suvichar

6. यदि आप यह ते कर लेंगे की मुझे इस मुसीबत से निकलना है तो यह संभव है -suvichar motivational

7. आप जैसे भी हैं बहुत बड़िया हैं – inspirational suvichar

8. ईश्वर का प्रेम इतना सच्चा है कि इसे साबित करने के लिए उसने आपको बनाया है – motivational quotes in hindi for success

9. डर हर किसी के लिए एक अयोग्यता होती है – short motivational quotes

10. जिंदगी को काटें मत उसे जियें – nick vujicic students quotes

11. जो कोशिश करेगा उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है – nic vujicic books

Motivational story in hindi #15 राजा और उसका राज्य

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मोटिवशनल स्टोरीजदोस्तों यह कहानी है एक kingdom की एक ऐसे राज्य की जहा एक राज्य का कार्यकाल 5 साल का होता है और उसके बाद उसे भेज दिया जाता है जंगल मे और जंगल मे न खाने को कुछ होता है और वहाँ  जानवर उन राजाओं को खा जाते थे। अब ऐसे ही एक राजा के 5 साल पूरे हो जाते है सभी लोग उस राजा को हाथी पर बीठा कर नए कपड़े पहना कर उस राजा को अंतिम विदाई दे देते है और भेज देते है ऐसी जगह जहां उसे खाने को कुछ नहीं होगा और उसकी मौत वहाँ तय है

अब नए राज्य का चुनाव करना होता हैं तो वहाँ एक आदमी ऐसा होता है जो कि बहुत होशियार होता है और सभी लोग उसके पास जाते हैं और उससे पूछते हैं कि क्या तुम हमारे राजा बनोगे ?लेकिन उसे पहले से ही बताया दिया जाता है कि 5 साल खत्म होने के बाद एक राजा के साथ यह यह होता है लेकिन सभी लोगों के बोलने पर उन्होंने उस आदमी को राजा बनाने के लिए स्वीकार कर लिया और यह भी स्वीकार कर लिया कि 5 साल होने के बाद उसके साथ वह सब किया जाएगा 

उस आदमी के राजा बनने के 3 दिन बाद उसने पूछा कि वह कौन सी जगह है जहां आप 5 साल बाद राजा को भेज देते हैं,राज्य अपने कुछ मंत्रियों के साथ उस जगह जाता है और वहाँ देखता है कि सभी राजाओं की लाशे और हड्डियाँ पड़ी होती है 

अब राजा सोचता है कि वह 5 साल के बाद यहाँ नहीं रह सकता है और उसे कुछ करना होगा राज्य दिमाग लगाता है और अपने कार्यकाल के पहले ही साल मे वह जंगल के पेड़ों को कटवा देता है और जिसकी वजह से जंगल घने लग रहे थे,दूसरे साल के कार्यकाल मे राजा उन सभी मरने वाले जानवरों को मरवा देता है 

तीसरे साल के कार्यकाल मे राजा वहाँ खेती करवाना शुरू कर देता है चौथे साल मे राज्य वहाँ पर घर बनवाने लगता है और लोग वहाँ बस्ने लग जाते हैं वहाँ अब बड़े बड़े मकान दुकाने और पूरी हद्द तक राजा ने उस जगह को एक शहर ही बना दिया था । राजा ने 5 साल मे उस जगह को काफी हद तक शहर बना दिया था राज्य ने 5 साल मे अपने लिए कुछ पैसे भी बचाए ताकि वह उस जगह पर खर्च सके अब राज्य के 5 साल पूरे हो जाते हैं उस राजा को हाथी पर बैठा कर नए कपड़े पहनकर सभी अंतिम विदाई देने लगते हैं और राज्य बहुत खुश होता है 

इसपर उस राज्य के लोग पूछते हैं कि जो पहले राजा गए थे वह रोते हुए गए और तुम हस के जा रहे हो ऐसा क्यों ? इस पर राजा कहता है कि पहले जो राजा राज करते थे वह अपने शाही जीवन,महंगे कपड़े इत्यादि  से इतने मगन हो जाते थे कि वह सीओचते ही नहीं थे कि 5 साल के बाद उन्हें वहाँ जाना है जहां उन्हे मारना पड़ेगा 

लेकिन मैंने 5 साल मे उस जगह को भी ठीक किया मुझे पता था कि मुझे 5 साल बाद कहाँ भेजा जाएगा मैंने उसपे काम किया मैंने यह नहीं सोचा कि राजा बल्कि यह सोहा कि 5 साल बाद मई कौन सी जिंदगी जीऊँगा और मई उस जिंदगी के लिए पहले से ही तैयारियां कर रहा था 

राजा हँसते हुए उस जगह चला गया और साथ मे कुछ पैसे भी ले गया जो उसने बचाए थे और वहाँ जा के उसने और भी मेहनत की और उस शहर का राज्य भी बन गया जो कि उसने 5 साल पहले बनाया था 

दोस्तों इससे हमे यह सीख मिलती है आपको भी कुछ ही समय मिलता है अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए दोस्तों आपकी 16 से 24 है तो यह उम्र ऐसी होते है जिसमे सबसे ज्यादा जोश,जज्बा और जुनून होता है इस उम्र मे आपको अपनी सही ढंग से मेहनत करनी है  न कि उन बाकी राजाओं की तरह अपना समय mobile social media और कहीं time waste नहीं करना है बल्कि उस राजा की तरह अपने future यानि भविष्य को सुंदर बनाना है ताकि आपको आने वाले समय मे चिंता न करनी पड़े 

क्या आप भी उस राज्य कि तरह अपने भविष्य का जंगल कटवा रहे हो ?अपने भविष्य पर काम कर रहे हो या बाकी राजाओं की तरह मजे कर रहे हो आप हमे कमेन्ट करके जरूर बताएं

Motivational story in hindi #16 संत और उसका चमकीला पत्थर

Short motivational story in hindi – एक बार एक आदमी बहुत परेशान होता है जिंदगी से हार चुका होता है और वह एक साधु के पास जाता है और वहाँ कहता है कि बाबा जी मई बहुत परेशान हूँ और मैं जिंदगी से हार गया हूँ,मैं जहां भी जाता हूँ सब मुझे फटकारते हैं और अक्सर कहते हैं कि तू जिंदगी मे कुछ नहीं कर पाएगा, तू fail हो जाएगा तो मैं क्या करू?

 बाबा ने बिना कुछ पूछे उस आदमी को एक लाल चमकीला पत्थर दिया और कहा कि इसे तुझे पूरे बाजार मे दिखाना है लेकिन याद रहे किसी को भी यह पथर बेचना मत .. 

अब वह आदमी उस पथर को लेकर चला जाता है बाजार मे पहले वह लाल पथर एक फल वाले को दिखाता है और उससे पूछता है कि तूम इसकी कितनी कीमत दोगे वह कहता है कि तुम इस पत्थर को मुझे दे दो और बदले मैं तुम्हें 2 किलो आम दे दूंगा, वह थोड़ी दूर और गया वहाँ उसे एक सब्जीवाला मिला उसने उसको वह पत्थर दिखाया उसने कहा इसके बदले मैं तुम्हें 2 आलू की बोरी दे दूंगा.. 

वह थोड़ी दूर और आगे जाता है अब वह एक सन्यार के पास जाता है वह उसे पत्थर दिखाता है तो सन्यार कहता हैकि इस शानदार खूबसूरत पत्थर को तुम मुझे दे दो और इसके बदले मैं तुम्हें 20 लाख रुपये तक देने के लिए तैयार हूँ , अब वह आदमी पत्थर को लेकर थोड़ी और आगे जाता है अब वह एक हहेरे के जोहरी के पास जाता है तो जोहरी जब वह पत्थर देखता है तो वह हैरान हो जाता है और कहता है इस शानदार चमकीले पत्थर के लिए मैं तुम्हें करोड़ों रुपये दूंगा तुम मुझे ये पत्थर दे दो .. 

वह आदमी वापिस मन मे कै सवाल लिए बाबा के पास आता है और कहता है बाबा जी इस लाल पत्थर की कीमत बाजार मे हर कोई अलग अलग लगा रहा है कोई 2 किलो सेब तो कोई करोड़ों रुपये ऐसा क्या है इस पत्थर मे ? तो बाबा कहते हैं कि तुम्हें पता नहीं था कि तुमने हाथ मे हीरा पकड़ा था और तुम्हें इस हीरे की कीमत का भी अंदाजा नहीं था .. 

ऐसे ही हम हैं हम भी हीरे ही हैं पूरिया दुनिया मे अलग और हमे भी अपनी कीमत मालूम नहीं होती कोई हमारी कीमत कम आँकता है तो कोई ज्यादा लेकिन हम खुद कि कीमत कैसे आँकते हैं ये सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह बात सुनकर उस आदमी को सब समझ आ गया  motivational story in hindi

Moral Of The Stories :

अपनी कीमत को कभी भी कम मत आँको आप अमूल्य हो इस दुनिया मे 

Motivational story in hindi #17 चित्रकार और उसका बेटा

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Motivated story in hindiएक समय की बात है एक एक आदमी पैंटिंग्स बनाया करता था वह रोज एक पेंटिंग बनाता और उसे दिन में जा के 500 रुपये में जा के बेच आता था वह रोज एक पेंटिंग बनता और बाजार में जा के बेच आता लेकिन अब वह बूढ़ा हो रहा था और अब पेंटिंग करते समय उसके हाथ कांपने लगे थे और वह अब अच्छे से पेंटिंग नहीं बना पा रहा.

उसने सोचा क्यों न वह अपनी पेंटिंग्स का हुनर अपने बेटे को सिखाये तो अब उसने अपने बेटे को पेटिंग बनाना सीखा दिया, बेटा अब पेंटिंग्स बनाना सीख चुका था बेटे ने अपनी पहली पेंटिंग बना ली और उसे बाजार में बेच के आया और निराश लौटा बाप ने पूछा क्यों निराश हो तुम? तो बेटा कहता है की मेरी पेंटिंग 200 रूपए में ही बिकी लेकिन आपको कुछ ऐसा पता है जो आप मुझे नहीं बता रहे हो 

बाप ने इस बार बेटे की कला को और निखारा और अगली बार बेटा बाजार में 300 रूपए की पेंटिंग बेच के आया और निराश था और फिर एक बार बेटे ने सवाल किया की आप मुझसे अपना बेहतर छिपा रहे हो और इस बार फिर बाप ने अपनी साड़ी कला बेटे को सीखा दी और इस बार बेटा बाजार में 700 रूपए की पेंटिंग बेच के आया 

जब बेटा घर आया तो बहुत खुश था और बाप भी बहुत खुश था अगले दिन जब बेटा पेंटिंग बना रहा तो बाप को कुछ कमी दिखी तो  टोका  यह तुम गलत कर रहे हूँ इसे ऐसे नहीं करना चाहिए तो बेटा कहता है मैंने आपसे महंगी पेंटिंग बेची है और मुझे यही सही लग रहा है. तो इसपर बाप कहता है की अब तुहारी पेंटिंग 700 रूपए से महंगी नहीं बिकेगी 

तो बेटा कहता है क्यों इसपर बाप नदी ही धैर्य से कहता है की जब मै तुम्हारी उम्र का था तो मेरे पिताजी 300 रूपए में पेंटिंग बेचते थे और मने भी उन्हें यही जवाब दिया था की मैंने आपसे बेहतरीन पेंटिंग बनाई और आपसे ज्यादा दामों में पेंटिंग बेच के आया हूँ उस दिन से मेरा सीखना बंद हो गया था और मई कभी 500 रूपए से ऊपर पेंटिंग नहीं बेच पाया और तुम भी नहीं बेच पाओगे

 क्योंकि जबतक तुम अपने पेंटिंग्स के दामों से खुश नहीं थे तो तुम्हे खुद को और बेहतरीन करने के लिये प्रेरित होना पड़ता था लेकिन जिस दिन दिन तुम अपने पेंटिंग्स के दामो से खुश हो गए तो तुम्हारा खुद को बेहतरीन बनाना भी बंद हो गया लेकिन बेटे को यह बात समझ आ गयी और उसने अपने पिताजी से और भी बहुत कुछ सीखा।

Motivational story in hindi #18 2 घड़े

Motivational story in hindi for students बहुत समय पहले की बात है किसी गाँव में एक किसान रहता था. वह रोज़ भोर में उठकर दूर झरनों से स्वच्छ पानी लेने जाया करता था. इस काम के लिए वह अपने साथ दो बड़े घड़े ले जाता था, जिन्हें वो डंडे में बाँध कर अपने कंधे पर दोनों ओर लटका लेता था. उनमे से एक घड़ा कहीं से फूटा हुआ था और दूसरा एक दम सही था. इस वजह से रोज़ घर पहुँचते-पहुचते किसान के पास डेढ़ घड़ा पानी ही बच पाता था.ऐसा दो सालों से चल रहा था.

सही घड़े को इस बात का घमंड था कि वो पूरा का पूरा पानी घर पहुंचता है और उसके अन्दर कोई कमी नहीं है , वहीँ दूसरी तरफ फूटा घड़ा इस बात से शर्मिंदा रहता था कि वो आधा पानी ही घर तक पंहुचा पाता है और किसान की मेहनत बेकार चली जाती है. फूटा घड़ा ये सब सोच कर बहुत परेशान रहने लगा और एक दिन उससे रहा नहीं गया, उसने किसान से कहा, “ मैं खुद पर शर्मिंदा हूँ और आपसे क्षमा मांगना चाहता हूँ?”

“क्यों ? “ , किसान ने पूछा , “ तुम किस बात से शर्मिंदा हो?”

“शायद आप नहीं जानते पर मैं एक जगह से फूटा हुआ हूँ, और पिछले दो सालों से मुझे जितना पानी घर पहुँचाना चाहिए था बस उसका आधा ही पहुंचा पाया हूँ, मेरे अन्दर ये बहुत बड़ी कमी है, और इस वजह से आपकी मेहनत बर्वाद होती रही है.”, फूटे घड़े ने दुखी होते हुए कहा.

किसान को घड़े की बात सुनकर थोडा दुःख हुआ और वह बोला, “ कोई बात नहीं, मैं चाहता हूँ कि आज लौटते वक़्त तुम रास्ते में पड़ने वाले सुन्दर फूलों को देखो.”

घड़े ने वैसा ही किया, वह रास्ते भर सुन्दर फूलों को देखता आया, ऐसा करने से उसकी उदासी कुछ दूर हुई पर घर पहुँचते– पहुँचते फिर उसके अन्दर से आधा पानी गिर चुका था, वो मायूस हो गया और किसान से क्षमा मांगने लगा.

किसान बोला,” शायद तुमने ध्यान नहीं दिया पूरे रास्ते में जितने भी फूल थे वो बस तुम्हारी तरफ ही थे, सही घड़े की तरफ एक भी फूल नहीं था. ऐसा इसलिए क्योंकि मैं हमेशा से तुम्हारे अन्दर की कमी को जानता था, और मैंने उसका लाभ उठाया. मैंने तुम्हारे तरफ वाले रास्ते पर रंग-बिरंगे फूलों के बीज बो दिए थे ,

तुम रोज़ थोडा-थोडा कर के उन्हें सींचते रहे और पूरे रास्ते को इतना खूबसूरत बना दिया. आज तुम्हारी वजह से ही मैं इन फूलों को भगवान को अर्पित कर पाता हूँ और अपना घर सुन्दर बना पाता हूँ. तुम्ही सोचो अगर तुम जैसे हो वैसे नहीं होते तो भला क्या मैं ये सब कुछ कर पाता?”

दोस्तों हम सभी के अन्दर कोई ना कोई कमी होती है , पर यही कमियां हमें अनोखा बनाती हैं…. 🙂

तो दोस्तों motivational story in hindi कैसी लगी हमे कममेंट मे जरूर बताएं क्योंकि इस कहानी को पढ़कर आप कहीं न कहीं तो अलग सोचने लगे होंगे क्योंकि हम सब सिर आप ही नहीं मई भी पहले खुद पर कमियाँ निकालता था लेकिन मैंने अब खुद की कमियाँ निकालना बंद कर दिया है और हो सके तो आप भी अपनी कमिया निकालना बंद करें क्योंकि कई बार हारी कमियाँ ही हमारी ताकत बनती है 

Motivational Story In Hindi#19 rs 15002 से 15000 करोड़ रुपये के सफर की सच्ची कहानी

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Inspired story in hindiजिंदगी जब इम्तिहान लेना शुरू कर दी है तो लोगों की असली पहचान सामने आने लगती है जिंदगी की इस कठिन  परीक्षा में कोई अपने दुर्भाग्य को दोष देकर हार मान लेते हैं और कोई उस हालात में कुछ गजब का कर जाते हैं और पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बन जाते हैं ऐसे ही एक इंसान हैं एसडीअल  एलुमिनियम  प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर सुदीप दत्ता  जो कभी इस कंपनी में एक लेबर का काम करते थे ।  एक समय में ₹15 1 दिन के लेकर काम करने वाले सुदीप दत्ता आज 1600 करोड़ की एलुमिनियम कंपनी के मालिक हैं उन्होंने अपने मेहनत से कैसे यह संभव किया और इस मुकाम तक पहुंचे उसकी short motivational story in hindi मैं आपसे सांझा करूंगा और यह मोटिवेशन कहानी मुझे best motivational story in hindi लगती है 

1972 में वेस्ट बंगाल के दुर्गापुर नामक  एक छोटे से शहर में उनका जन्म हुआ उनके पिताजी फ़ौज में थे 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में गोली लगने से उनके पिताजी पैरालाइज हो चुके थे रोजगार के लिए उनकी पूरी परिवार की जिम्मेदारी उनके बड़े भाई पर थी लेकिन किसी बीमारी के कारण उनके बड़े भाई की मृत्यु हो जाती है और अपने बेटे के गम में उनके पिताजी की भी मृत्यु कुछ दिनों बाद हो जाती है अब सारा परिवार सुदीप दत्ता के ऊपर निर्भर था जिस वजह से 17 वर्ष की उम्र में सुदीप दत्ता पर अपने चार बहन भाई और परिवार की जिम्मेदारी आ जाती है। 

 ऐसे में सुदीप जी के पास अब सिर्फ दो ही काम बचे थे या पढ़ाई छोड़ कर रिक्शा चलाना या किसी होटल में काम करना लेकिन उन्होंने तीसरे विकल्प को चुना और वह मुंबई के लिए निकल जाते हैं, 1988 मे वह ₹15 प्रतिदिन एक मजदूर का काम करता था तब उनका काम था पैकेजिंग लोडिंग और डिलीवरी काम के बीच  वह बिजनेस को समझने लगे थे अपने इस काम में उनके साथ 12 और मजदूर भी थे एक छोटे से कमरे में रात गुजार कर उन्हें सोना पड़ता था वह कमरा इतना छोटा होता था कि वहां इतने सारे लोग थे कि सोने के बाद हिलने का मौका भी नहीं मिलता था

 1991 में उस कंपनी के मालिक को खतरनाक दौर से गुजरना पड़ा जिसके कारण उसने इस फैक्ट्री को बंद कर दिया और यहीं से शुरू हुआ सुदीप दत्ता का बिजनेसमैन बनने का सफर वह इस मौके को जाने देना नहीं चाहते थे और अपने कुछ जमा किए हुए पैसे और दोस्तों से पैसे मांग कर ₹17000 लेकर फैक्ट्री के मालिक के पास चले गए उस फैक्ट्री को खरीदने के लिए लेकिन कोच फैक्ट्री को खरीदने के लिए उतना पैसा काफी नहीं था लेकिन फिर भी उस फैक्ट्री के मालिक को इतने घाटे से गुजरना पड़ रहा था कि वह फैक्ट्री का सौदा 16000 में ही कर दिया लेकिन एक शर्त पर 2 साल के अंदर जितना भी मुनाफा उस कंपनी को होगा वह सारा उस मालिक को देना होगा सुदीप जी राजी हो जाते हैं

 सुदीप दत्ता जिस कंपनी में एक मजदूर का काम करते थे आज उस कंपनी के मालिक बन चुके थे एलुमिनियम पैकेजिंग इंडस्ट्री तब एक बुरे समय से गुजर रहे थे पूरे ही मार्केट में सबसे ज्यादा कमाई दो ही फैक्ट्रियां एलुमिनियम की करती थी1 jindal limited और india  foil  यह दोनों  कंपनियां बहुत ही बड़ी कंपनियां थी और इनके साथ मुकाबला करना सुदीप दत्ता के लिए बहुत मुश्किल था । बाजार में अब फ्लैक्सिबल पैकेजिंग का डिमांड बढ़ने लगा था और सुदीप दत्ता ने इस मौके को भुनाया और सुदीप दत्ता ने बेस्ट फ्लैक्सिबल पैकेजिंग  देकर बाजार में धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत करने लगे और ज्यादा मेहनत करने लगे थे और खुद जाकर दूसरी कंपनियों को समझाने लगे थे कि क्यों उनकी पैकेजिंग बेस्ट है 

 ऐसी छोटी छोटी कंपनियों की पैकेजिंग लेकर उन्होंने अपना बिजनेस धीरे-धीरे शुरू किया और धीरे-धीरे वह बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने लगे ।  उन्हें सन फार्मा और नैसले जैसी बड़ी कंपनियों से अब ऑर्डर आने लगे थे और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और उन्हें अब कामयाबी मिल रही थी लेकिन इसके कुछ ही दिन बाद अनिल अग्रवाल की वेदांता कंपनी बाजार में कदम रखती है वेदांता उस  समय बड़ी कंपनियों में से एक था और यह कंपनी अब सुदीप दत्ता को चुनौती दे रही थी

 लेकिन इस बार भी सुदीप दत्ता हार ना मानकर प्रोडक्ट्स को और भी अच्छा और बढ़िया बनाकर बाजार में पेश किया और इस बड़ी कंपनी को भी उन्होंने पीछे छोड़ दिया और वेदांता कंपनी को हार मानना पड़ा और साल 2008 में 130 करोड रुपए देकर वेदांता कंपनी को सुदीप दत्ता खरीद भी लेते हैं इसके बाद सुदीप जी अपनी कंपनी को आगे बढ़ाने में लग जाते हैं और आज सुदीप दत्ता जी की ess dee alluminium pvt Ltd कंपनी भारत की नंबर 1 एलुमिनियम पैकेजिंग कंपनी है,अभी हाल ही में एचडी एलुमिनियम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 1700 करोड रुपए से ज्यादा कमा चुकी है और यह बहुत बड़ी कामयाबी सुदीप दत्ता जी ने अपनी जिंदगी में हासिल की हैं 

दोस्तों हमें भी उनसे यह सीख लेनी चाहिए कि चुनौती कितनी भी बड़ी हो हमें उनसे घबराना नहीं चाहिए सुदीप जी के जिंदगी में भी कितनी दिक्कतें आई थी उनके पिताजी नहीं थे बड़े भाई नहीं थे और  सारे परिवार का जिम्मा उनके ऊपर आ गया था लेकिन वह नहीं रुके और अपने मंजिल की तरफ बढ़ते रहे यह कहानी कैसी लगी हमें कमेंट में जरूर बताइए और अगर आपको इस कहानी से कुछ प्रेरणा मिली हो इस कहानी को अपने दूसरे भाइयों से इसे शेयर जरूर कीजिए क्या पता आपके एक शेयर से किसी की जिंदगी बदल जाए और आप किसी के प्रेरक बन जाओ motivational story in hindi for sales team

Motivational story in hindi #20 जादुई जिन्न

Motivation storyबहुत समय पहले की बात है एक गाँव मे एक ब्राह्मण रहता था उसके पास वह सब था जो एक अमीर व्यक्ति के पास होना चाहिए उसके पास एक अच्छा घर था परिवार था लेकिन वह ब्राह्मण बहुत ही आलसी था दिन भर घर मे सोया रहता था और कुछ काम भी नहीं करता था उसकी पत्नी बहुत कोशिश करती कि वह कोई काम करे परंतु उसकी हर कोशिश नाकाम होती थी 

एक दिन गाँव मे एक साधु आया वह ब्राह्मण उस साधु की रोज सेवा किया करता था ताकि उससे उसे कोई वरदान मिल सके,हुआ भी वैसा वह साधु उस ब्राह्मण की सेवा प्राप्त कर खुश हो गया और उसने उसे वरदान मांगने को कहा, ब्रह्मन ने वरदान मांगा कि मुझे कोई ऐसा आदमी दीजिए जो मेरा सारा काम कर दे,साधु ने उसे एक जिन्न दिया और कहा यह तुम्हारा सारा काम करेगा किन्तु याद रखना कि यह एक पल भी बैठना नहीं चाहिए इसे हर पल तुम्हें काम देना होगा 

ब्राह्मण ने उस जिन से बहुत काम कार्य किया लेकिन जब उसके पास काम खत्म हो गया तो जिन ने कहा कि अगर तुमने मुझे कोई काम न दिया तो मैं तुम्हें खा जाऊंगा ब्राह्मण डर गया और उसी समय ब्राह्मण की पत्नी आई और कहनी लगी कि क्या मैं आपके जिन को काम दे सकती हूँ ब्राह्मण नें कहा जरूर,पत्नी ने जिन से कहा कि तुम गाँव मे जाओ वहाँ एक कुत्ता है और जब तक उस कुत्ते की पूँछ सीधी नहीं होती तब तक तुम वापिस मत आना और वह जिन वहाँ से चला गया 

ब्राह्मण की पत्नी ने कहा कि अब आपको अपने काम के महत्व के बारे मे पता चला जब भी हम अपना काम दूसरों पर डालते हैं तो हम संकट मे आ सकते हैं इसलिए कभी भी आलस करके अपना काम मत करिए और अपना काम दूसरों पर नहीं डालना चाहिए और उसके बाद वह ब्राह्मण अगले दिन से अपने खेत मे रोज काम करने लगा और खुशी खुशी रहने लगा 

Moral Of Inspiring Story in hindi

Best story in hindi – तो दोस्तों अब आपको समझ आ गया होगा कि आलस हम सबका कितना विनाश करता है और हमे इसकी बिल्कुल भयानक भी नहीं होती और हमारे आलस की वजह से ही हम कभी सफल नहीं हो सकते इसलिए दोस्तों आज ही अपने काम पर बिना किसी आलस से लग जाईए और एक कामयाब व्यक्ति बन के दिखाइए .दोस्तों हमे कमेंट करके बताएं की आपको यह लेख कैसा लगा तथा इसे अपन्ने दोस्तों के साथ शेयर जरूर कीजिए क्या पता आपके एक शेयर से किसी कि जिनन्दगी बदल जाए और आप किसी के प्रेरक बन जाओ 

Hope youys enjoys these motivational stories in hindi and inspiring stories. please let meknow in comment which is your favoutite motivational stories in hindi from these motivational stories.Do share now these motvational stories and inspirational story in hindi with your friend motivational story in hindi

Gokul Thakur

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